Urdu Shayari
ग़र पिलाना है तो पिलादे हुस्न से अपने
लब में तेरे वोह बात नहीं,
'रूह' लेलिया नाम जो तूने उसका
मेरी अब तुझसे कोई बात नहीं,
दफ़न हम हो लेगें तेरी याद संग ऐ साकी
अब संग तेरे आज से कोई रात नहीं ।
- सुरिन्दर सिंह "रूह"
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Poetry in Urdu
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